Thursday, September 25, 2008

कोई चौंदहवी रात का चाँद बनकर , तुम्हारे तसव्वुर में आया तो होगा...
किसी से तो की होगी तुमने मुहब्बत, किसी को गले से लगाया तो होगा...

तुम्हारे खयालो की विरानिओं में , मेरी याद के फूल महके तो होंगे....
कभी अपने आँखों के काज़ल से तुमने, मेरा नाम लिख कर मिटाया तो होगा....

लबो से मुहब्बत का जादू जगा कर , भरी बज्म से सब से नज़रें बचा कर...
निगाहों की राहों से दिल में समां कर, किसी ने तुम्हे भी चुराया तो होगा...

कभी आईने से निगाहें मिलाकर, जो ली होगी भरपूर अंगराई तुमने....
तो घबराकर ख़ुद तेरी अंगराईओं ने, तेरे हुस्न को गुदगुदाया तो होगा...

निगाहों में शमा-ऐ-तमन्ना जला कर, तकी होंगी तुमने भी राहें किसी की....
किसी ने तो वादा किया होगा तुमसे, किसी ने तुम्हे भी रुलाया तो होगा.....

1 comment:

manvinder bhimber said...

तुम्हारे खयालो की विरानिओं में , मेरी याद के फूल महके तो होंगे....
कभी अपने आँखों के काज़ल से तुमने, मेरा नाम लिख कर मिटाया तो होगा....
bahut sunder