Saturday, September 13, 2008

ए मौत ! उन्हें भुलाये ज़माने गुज़र गए....
आ जा की ज़हर खाए ज़माने गुज़र गए...

ओ जाने वाले आ, की तेरे इंतजार में....
रास्ते को घर बनाये ज़माने गुज़र गए...

गम है ना अब खुशी है, न उम्मीद है न आस ....
सब से निजात पाए ज़माने गुज़र गए....

क्या लायक-ऐ-गम भी नही अब मैं दोस्तों...
पत्थर भी घर में आए ज़माने गुज़र गए....

जाने-बहार फूल नही आदमी हूँ मैं...
आ जा की मुस्कुराये ज़माने गुज़र गए.....

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