आज फ़िर टूट के बिखरा तो तुझे याद किया...
दिल मेरा दर्द में डूबा तो तुझे याद किया......
ख्वाब अश्को में ढल गए तेरी सूरत ले कर....
आज फ़िर गम ने सताया तो तुझे याद किया....
खुशियाँ बेसुमार है मेरे जीवन की तरह.....
आज फ़िर हिज्र में रोया तो तुझे याद किया....
ज़िन्दगी बीत गयी है गमो के साये में...
भूल कर भी कभी हंसा तो तुझे याद किया....
जब भी तेरी जुदाई के आजाब लम्हों ने .....
मुझ को बेताब किया तो तुझे याद किया.....
लाख दुरी सही लेकिन मेरी जाना जब भी....
दिल तेरे नाम पे धारका तो तुझे याद किया...
Thursday, April 23, 2009
तुम मेरी आँख के तेवर न भुला पाओगे
अनकही बात को समझोगे तो याद आउंगा॥
हमने खुशियों की तरह दुःख भी इकट्ठे देखे...
शफा-ऐ-ज़ीस्त को पलटोगे तो याद आउंगा॥
इस अंदाज़ से होती थी मुखातिब मुझसे....
ख़त किसी और को लिखोगे तो याद आउंगा॥
सर्द रातो के महकते हुए सन्नाटों में....
जब किसी फूल को चूमोगे तो याद आउंगा॥
अब तेरे अश्क मैं होठो से चुरा लेता हूँ...
हाँथ से ख़ुद इन्हे पोंछोगे तो याद आउंगा॥
शाल पहनाऐगा अब कौन दिसम्बर में तुम्हे...
बारिशों में जब कभी भिंगो के तो याद आउंगा॥
आज तुम महफ़िल-ऐ-यारां पे हो मगरूर बहुत....
जब कभी टूट के बिखरोगे तो याद आउंगा॥
हादसे आयेंगे जीवन तो तुम हो के निढाल...
किसी दीवार को थामोगे तो याद आउंगा........
अनकही बात को समझोगे तो याद आउंगा॥
हमने खुशियों की तरह दुःख भी इकट्ठे देखे...
शफा-ऐ-ज़ीस्त को पलटोगे तो याद आउंगा॥
इस अंदाज़ से होती थी मुखातिब मुझसे....
ख़त किसी और को लिखोगे तो याद आउंगा॥
सर्द रातो के महकते हुए सन्नाटों में....
जब किसी फूल को चूमोगे तो याद आउंगा॥
अब तेरे अश्क मैं होठो से चुरा लेता हूँ...
हाँथ से ख़ुद इन्हे पोंछोगे तो याद आउंगा॥
शाल पहनाऐगा अब कौन दिसम्बर में तुम्हे...
बारिशों में जब कभी भिंगो के तो याद आउंगा॥
आज तुम महफ़िल-ऐ-यारां पे हो मगरूर बहुत....
जब कभी टूट के बिखरोगे तो याद आउंगा॥
हादसे आयेंगे जीवन तो तुम हो के निढाल...
किसी दीवार को थामोगे तो याद आउंगा........
Saturday, April 11, 2009
किसी आँखों मे मोहब्बत का सितारा होगा
एक दिन आएगा कि कोई शक्स हमारा होगा,
कोई जहाँ मेरे लिए मोती भरी सीपियाँ चुनता होगा
किसी और दुनिया का किनारा होगा,
काम मुश्किल है मगर जीत ही लूगाँ किसी दिल को
मेरे खुदा का अगर ज़रा भी सहारा होगा,
किसी के होने पर मेरी साँसे चलेगीं
कोई तो होगा जिसके बिना ना मेरा गुज़ारा होगा,
देखो ये अचानक ऊजाला हो चला,
दिल कहता है कि शायद किसी ने धीमे से मेरा नाम पुकारा होगा,
और यहाँ देखो पानी मे चलता एक अन्जान साया,
शायद किसी ने दूसरे किनारे पर अपना पैर उतारा होगा,
कौन रो रहा है रात के सन्नाटे में,
मेरे जैसा तन्हाई का कोई मारा होगा,
अब तो बस उसी किसी एक का इन्तज़ार है,
किसी और का ख्याल ना दिल को ग़वारा होगा,
एक दिन आएगा कि कोई शक्स हमारा होगा,
कोई जहाँ मेरे लिए मोती भरी सीपियाँ चुनता होगा
किसी और दुनिया का किनारा होगा,
काम मुश्किल है मगर जीत ही लूगाँ किसी दिल को
मेरे खुदा का अगर ज़रा भी सहारा होगा,
किसी के होने पर मेरी साँसे चलेगीं
कोई तो होगा जिसके बिना ना मेरा गुज़ारा होगा,
देखो ये अचानक ऊजाला हो चला,
दिल कहता है कि शायद किसी ने धीमे से मेरा नाम पुकारा होगा,
और यहाँ देखो पानी मे चलता एक अन्जान साया,
शायद किसी ने दूसरे किनारे पर अपना पैर उतारा होगा,
कौन रो रहा है रात के सन्नाटे में,
मेरे जैसा तन्हाई का कोई मारा होगा,
अब तो बस उसी किसी एक का इन्तज़ार है,
किसी और का ख्याल ना दिल को ग़वारा होगा,
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