Wednesday, December 3, 2008

रहते है साथ साथ.....मैं और मेरी तन्हाई....
करते है राज़ की बात..... मैं और मेरी तन्हाई.....

दिन तो गुज़र ही जाता है लोगो की भीड़ में....
करते है बसर रात.... मैं और मेरी तन्हाई....

सांसो का क्या भरोसा कब छोड़ जाए साथ....
लेकिन रहेंगे साथ.... मैं और मेरी तन्हाई.....

आए न तुम्हे याद कभी भूल कर भी हम...
करते है तुम्हे याद.... मैं और मेरी तन्हाई.....

आ के पास क्यूँ दूर हो गए हमसे....
करते है तेरी तलाश.... मैं और मेरी तन्हाई....

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