Saturday, April 11, 2009

किसी आँखों मे मोहब्बत का सितारा होगा
एक दिन आएगा कि कोई शक्स हमारा होगा,

कोई जहाँ मेरे लिए मोती भरी सीपियाँ चुनता होगा
किसी और दुनिया का किनारा होगा,

काम मुश्किल है मगर जीत ही लूगाँ किसी दिल को
मेरे खुदा का अगर ज़रा भी सहारा होगा,

किसी के होने पर मेरी साँसे चलेगीं
कोई तो होगा जिसके बिना ना मेरा गुज़ारा होगा,

देखो ये अचानक ऊजाला हो चला,
दिल कहता है कि शायद किसी ने धीमे से मेरा नाम पुकारा होगा,

और यहाँ देखो पानी मे चलता एक अन्जान साया,
शायद किसी ने दूसरे किनारे पर अपना पैर उतारा होगा,

कौन रो रहा है रात के सन्नाटे में,
मेरे जैसा तन्हाई का कोई मारा होगा,

अब तो बस उसी किसी एक का इन्तज़ार है,
किसी और का ख्याल ना दिल को ग़वारा होगा,

1 comment:

वीनस केसरी said...

वाह वाह क्या गजल कही आपने दिल खुश हो गया

वीनस केसरी