दूर तुमसे हम जा नहीं सकते....
शर्त ये भी है की तुम्हे पा नहीं सकते....
किसी को अपने आंसुओ का सबब....
लाख चाहे बता नहीं सकते....
जिस पे लिखी है इबारत कोई....
लाख चाहे ओ दीवार ढहा नहीं सकते.....
उसको रिश्तों से है नफरत शायद....
कोई रिश्ता हम चाहे भी तो बना नहीं सकते....
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1 comment:
अच्छा लिखा है। लिखते रहें।ritbansal
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